गुड़, बिल्कुल वैसा जैसा उसे बनना चाहिए।
ताज़ा गन्ने का रस, खुली लोहे की कढ़ाइयों में धीमी आँच पर उबाला और हाथ से जमाया — बिना केमिकल, बिना ब्लीच और बिना रंग के। पूरे भारत के घरों, मिठाई की दुकानों और व्यापारियों के लिए सच्चा गुड़।
हमारा गुड़ असली क्यों है
बाज़ार का बहुत-सा गुड़ चमकीला पीला होता है क्योंकि उसे ब्लीच किया जाता है। असली गुड़ सच्चा भूरा होता है। देखिए हम क्या करते हैं — और क्या कभी नहीं करते।
ताज़ा गन्ना, उसी दिन
कटाई के तुरंत बाद गन्ने की पेराई होती है, इसलिए रस मीठा और साफ़ रहता है — न खमीर उठा, न खट्टा।
साफ़ करने के लिए कोई केमिकल नहीं
सोडियम हाइड्रोसल्फ़ाइट (हाइड्रोस) नहीं, सल्फ़र नहीं, कृत्रिम रंग नहीं। रस उबलते समय मैल हाथ से निकाला जाता है।
खुली लोहे की कढ़ाइयाँ
हमारे प्लांट में 7 कढ़ाइयाँ चलती हैं। हर बैच धीमी आँच पर उबलता है और अनुभवी कारीगर सही “तार” की जाँच करते हैं।
हर बैच का रिकॉर्ड रखा जाता है
शुरू होने का समय, खत्म होने का समय, कितना रस लगा, कितना गुड़ बना और ड्यूटी पर कौन सुपरवाइज़र था — हर कढ़ाई, हर शिफ़्ट का रिकॉर्ड।
सबके लिए खुली फ़ैक्ट्री
पेराई के मौसम में व्यापारी और परिवार आकर गुड़ बनते देख सकते हैं। बस पहले फ़ोन कर दें।
खाद्य सुरक्षा सबसे पहले
साफ़-सुथरा रख-रखाव, स्वच्छ साँचे और सील पैकिंग। थोक ऑर्डर के साथ जाँच की जानकारी माँगें।
खेत से आपकी रसोई तक
सौ सालों में हमारा तरीका ज़्यादा नहीं बदला — और यही इसकी ख़ूबी है।
- कटाई और पेराई — पका गन्ना, ताज़ा पेराई।
- छानना और उबालना — रस छानकर घंटों धीमी आँच पर उबाला जाता है।
- हाथ से मैल निकालना — झाग (मैल) हाथ से हटाया जाता है, कोई केमिकल नहीं।
- जमाना और पैक करना — साँचे में डालकर ठंडा, काटकर सील किया जाता है।
परिवार सफ़ेद चीनी की जगह गुड़ क्यों चुनते हैं
कम रिफ़ाइंड
गन्ने के रस के वे प्राकृतिक खनिज बचे रहते हैं जो रिफ़ाइंड चीनी में खो जाते हैं।
खाने के बाद की परंपरा
खाने के बाद गुड़ का छोटा टुकड़ा पाचन के लिए पुरानी भारतीय आदत है।
आयरन और खनिज
इसमें गन्ने से ही आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है।
सर्दियों की गर्माहट
सर्दियों में तिल-गुड़, चिक्की और काढ़े में इस्तेमाल होता है।
किसी भी गुड़ को घर पर 2 मिनट में जाँचें
सिर्फ़ हमारी बात पर भरोसा न करें — ख़ुद जाँचें। ये आसान तरीके मिलावटी या ब्लीच किए गुड़ की पहचान कराते हैं।
- रंग — असली गुड़ सुनहरे से गहरे भूरे रंग का होता है। बहुत चमकीला पीला या सफ़ेद-सा रंग अक्सर केमिकल ब्लीचिंग का संकेत है।
- पानी की जाँच — एक टुकड़ा गिलास भर पानी में घोलें। चॉक या वॉशिंग सोडा नीचे बैठ जाता है।
- स्वाद — स्वाद मीठा और कैरेमल जैसा होना चाहिए। नमकीन या कड़वा स्वाद ख़तरे का संकेत है।
- बनावट — शुद्ध गुड़ थोड़ा नरम और भुरभुरा होता है, ऊपर चीनी के दानों वाला काँच जैसा सख़्त नहीं।
गुड़ पसंद करने वाले हर व्यक्ति तक
घर के लिए छोटे पैक, या आपके व्यापार के लिए नियमित थोक सप्लाई।
असली गुड़ का फ़र्क चखिए।
फ़ोन करें, WhatsApp करें या पूछताछ भेजें — हम ख़ुद जवाब देते हैं, आमतौर पर उसी दिन।